गांधी की पत्रकारिता ने स्वतंत्रता, अहिंसा और राष्ट्र निर्माण की चेतना को दिया नया आयाम

 

हाजीपुर। वैशाली जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के तत्वावधान में, सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. शशि भूषण कुमार के नेतृत्व में हाजीपुर शहर स्थित टैगोर किड्स एंड हाई स्कूल में महात्मा गांधी द्वारा प्रारंभ किए गए प्रसिद्ध साप्ताहिक पत्र ‘यंग इंडिया’ के प्रकाशन दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।

कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि भारत सरकार के गृह मंत्रालय के इंटेलिजेंस ब्यूरो के पूर्व पदाधिकारी सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी द्वारा प्रकाशित ‘यंग इंडिया’ स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में जनजागरण का महत्वपूर्ण माध्यम था। इस पत्रिका के माध्यम से गांधी जी ने स्वतंत्रता, अहिंसा, सत्य और राष्ट्र निर्माण से जुड़े अपने विचारों को देशवासियों तक पहुंचाया।

उन्होंने कहा कि ‘यंग इंडिया’ का प्रकाशन 8 अक्टूबर 1919 से शुरू हुआ और 1931 तक जारी रहा। अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित इस पत्रिका ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देश में राजनीतिक, सामाजिक और बौद्धिक चेतना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वैशाली जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष, टैगोर किड्स एंड हाई स्कूल के निदेशक एवं मानवाधिकार टुडे के संपादक वरिष्ठ पत्रकार डॉ. शशि भूषण कुमार ने कहा कि महात्मा गांधी केवल स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक ही नहीं, बल्कि एक प्रभावशाली पत्रकार, लेखक और विचारक भी थे। उन्होंने ‘यंग इंडिया’ के माध्यम से देशवासियों में स्वतंत्रता, अधिकार, आत्मसम्मान और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत किया।

डॉ. कुमार ने कहा कि गांधी जी की पत्रकारिता का उद्देश्य केवल समाचार प्रकाशित करना नहीं था, बल्कि समाज में बौद्धिक जागृति, जनचेतना और अधिकारों के प्रति जागरूकता पैदा करना था। ‘यंग इंडिया’ उस दौर में देशवासियों के लिए मील का पत्थर साबित हुई। आज भी गांधी जी की पत्रकारिता और उनके विचार विश्व के बौद्धिक एवं साहित्यिक समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

विद्यालय की प्राचार्य कुमारी पिंकी ने गांधी जी की पत्रकारिता एवं उनके द्वारा किए गए विभिन्न जनजागरण कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने पत्रकारिता को समाज में चेतना और सकारात्मक परिवर्तन लाने का सशक्त माध्यम बनाया।

इस अवसर पर वैशाली जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों तथा अन्य गणमान्य लोगों ने उपस्थित होकर कार्यक्रम में भाग लिया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों से गांधी जी के सत्य, अहिंसा, स्वावलंबन, राष्ट्रप्रेम और जनसेवा के विचारों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

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